जिले की प्रथम गौशाला का हुआ शुभारंभ : गौशाला को गौसेवा की बनाये मिसाल

   बालाघाट | ललित राहंगडाले |   बालाघाट जिले के वारासिवनी विकासखंड के ग्राम बिठली में आज 13 जनवरी को जिले की पहली शासकीय गौशाला प्रारंभ हो गई है। बिठली जैसे छोटे से ग्राम में गौशाला का प्रारंभ होना इस गांव के विकास के लिए एक अच्छा कदम है। गौशाला का संचालन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। बिठली के ग्रामीण इस गौशाला को गौसेवा का एक आदर्श केन्द्र बनायें और इसे प्रदेश के अन्य जिलों के लिए एक मिसाल के रूप में प्रस्तुत करें। यह बातें मध्यप्रदेश शासन के खनिज साधन मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल ने आज 13 जनवरी को बिठली की गौशाला के शुभारंभ अवसर पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कही।

     बिठली में चंदन नदी के किनारे 5 एकड़ क्षेत्र में 30 लाख रुपये की लागत से बनाई गई गौशाला के शुभारंभ कार्यक्रम में मध्यप्रदेश विधानसभा की उपाध्यक्ष सुश्री हिना कावरे, कलेक्टर श्री दीपक आर्य, पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक तिवारी, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रजनी सिंह, जनपद पंचायत वारसिवनी के अध्यक्ष श्री चिंतामन नगपुरे, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती मेघा किशोर बिसेन, पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्री संभीर सुलाखे, श्री ज्ञानप्रकाश ऊर्फ पप्पू पटेल, जनपद सदस्य श्री अवलेश बिसेन, ग्राम पंचायत मोहगांव खुर्द के सरपंच श्री सालिकराम राउत, गौशाला का संचालन करने वाले महिला समूह की सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।

     कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खनिज मंत्री श्री जायसवाल ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने अपने वचन पत्र में गौसेवा के लिए प्रदेश में गौशाला निर्माण का वादा किया था। आज यह वादा पूरा हो गया है। गौसेवा एक पुण्य का कार्य है और हमारी सरकार इसमें कभी पीछे नहीं रहेगी। इस क्षेत्र के ग्रामीणों को भी इस गौशाला की गायों के लिए दान पुण्य करना चाहिए।

     खनिज मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि वारासिवनी क्षेत्र की जनता ने विधानसभा चुनाव में अपने प्रतिनिधि के लिए एक सही व्यक्ति का चुनाव किया है। इस क्षेत्र की जनता के आशिर्वाद से उन्हें प्रदेश सरकार में मंत्री बनने का अवसर मिला है। मध्यप्रदेश के गठन के बाद से यह पहला अवसर है जब वारासिवनी के किसी विधायक को मंत्री बनाया गया है। जब हमारी सरकार बनी तो हमें प्रदेश का खाली खजाना और कर्जे का बोझ विरासत में मिला था। मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने खाली खजाने को भरने का काम किया है और जनता से जो वादे किये थे उन्हें पूरा करने का काम किया जा रहा है। किसानों की फसल ऋण माफी का प्रथम चरण पूरा कर लिया गया है और अब दूसरे चरण में एक लाख रुपये तक का ऋण माफ करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है।

90 लाख रुपये की नल-जल योजना एवं पुलिया निर्माण की मंजूरी

     खनिज मंत्री श्री जायसवाल ने इस अवसर पर कहा कि मोहगांव खुर्द एवं बिठली ग्राम के लिए 90 लाख रुपये की नल-जल योजना मंजूर हो गई है और उसके लिए शीघ्र ही भूमिपूजन किया जायेगा। उन्होंने मोहगांव खुर्द व बिठली के बीच पुलिया निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि इस पुलिया के लिए भी शीघ्र ही भूमिपूजन किया जायेगा।

महिलाओं के हाथों में गौशाला का संचालन अच्छी पहल—हिना कावरे

     कार्यक्रम की अध्यक्ष मध्यप्रदेश विधानसभा की उपाध्यक्ष सुश्री हिना कावरे ने इस अवसर पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि बिठली में गौशाला के प्रारंभ होने से एक अच्छी शुरूआत हो रही है। गौशाला का निर्माण हमारी पार्टी के वचन पत्र में शामिल था और हमारी सरकार ने इस वचन को पूरा करने का काम किया है। गाय का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। गाय के दूध लेकर गोबर और गौमूत्र तक हमारे उपयोग की चीज है। मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ के निर्देश पर मध्यप्रदेश में गौशालाओं का निर्माण किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने बिठली की गौशाला का संचालन महिलाओं के हाथों में सौंपकर एक नई पहल की है। बिठली की महिलायें भी गौशाला के संचालन को लेकर उत्साह से भरी हुई है। बालाघाट जिले की इस पहल को प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू करने के प्रयास किये जायेंगें। इस गौशाला का संचालन करने वाली महिलाओं के समूह पर अब बहुत बड़ी जिम्मेदारी है कि वे इसका संचालन पूरी जिम्मेदारी के साथ करें और पूरे प्रदेश के लिए इसे एक उदाहरण के रूप में सामने रखें।

गौशाला में गोबर के कंडे एवं स्टीक भी बनेंगें

     कलेक्टर श्री दीपक आर्य ने कार्यक्रम के प्रारंभ में बताया कि बालाघाट जिले में पांच गौशालायें बनायी जा रही है। इनमें से बिठली की गौशाला का आज शुभारंभ हो रहा है। कटेदरा, पिपरझरी, गढ़ी एवं भूतना की गौशाला का निर्माण कार्य प्रगति पर है। बिठली की इस गौशाला में सड़कों पर आवारा घूमने वाले 60 पशुओं को रखा जायेगा। इस गौशाला का संचालन करने वाली महिलाओं को गौसेवा के साथ कुछ आय भी हो सके इसके लिए उनके समूह को बैक से ऋण दिलाकर उन्नत नस्ल की 40 दुधारू गायें शीघ्र ही प्रदान की जायेगी। इस गौशाला में गोबर के कंडे एवं स्टीक भी बनायी जायेगी। कंडे की खपत के लिए उन्हें श्मशान से लिंक किया जायेगा। इस गौशाला में बायोगैस बनाने के साथ के ही गौमूत्र भी एकत्र किया जायेगा। शासन से प्रति गाय प्रति दिन 20 रुपये की राशि इस गौशाला को प्रदान की जायेगी। जिला प्रशासन का प्रयास होगा कि यह गौशाला प्रदेश के लिए एक माडल गौशाला बने।

महिलायें करेंगी गौशाला का संचालन

     बिठली की गौशाला का संचालन पूरी तरह से महिलाओं के हाथों में सौपा गया है। आजीविका मिशन से जुड़े महिलाओं के साहस स्वयं सहायता समूह को इसके लिए जिम्मेदारी दी गई है। गौशाला संचालन के लिए श्रीबालाजी गौशाला समिति का पंजीयन करा लिया गया है। महिलाओं के इस समूह में 15 सदस्य है और इन्हें इस गौशाला का 100 गार्यों की देखरेख का जिम्मा उठाना है। इन महिलाओं को 40 गायें बैंक ऋण के माध्यम से उपलब्ध करायी जायेगी। गौशाला में गोबर के कंडे, स्टीक एवं अन्य उपयोगी सामग्री बनाने की मशीन भी लगाई जायेगी। गौशाला से होने वाली आय पर समूह की महिलाओं का अधिकार रहेगा। इस तरह से यह गौशाला महिलाओं के लिए गौसेवा के साथ रोजगार का जरिया भी बनेगी।

     कार्यक्रम में बुजुर्गों का शाला ओढ़ाकर सम्मान किया गया। इस कार्यक्रम में नवोदय विद्यालय वारासिवनी के राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के लिए चयनित छात्र-छात्राओं को भी प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता आनंद बिसेन द्वारा किया गया।