रायपुर । मिनल केडेकर । कांग्रेस शुरू से महिला आरक्षण बिल की समर्थक रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का विधेयक 2010 में राज्यसभा में पारित कराया था। कांग्रेस ने 2023 में भी महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया था, आज भी हम समर्थन में है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मोदी सरकार महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन में महिलाओं को धोखा दे रही है। आज जो परिस्थितियां है वह सही मायने में आरक्षण के लक्ष्य को पूरा नहीं करेगी। कांग्रेस पार्टी मांग करती है पहले जनगणना हो, फिर परिसीमन हो, उसके बाद महिला आरक्षण बिल पास हो ताकि देश के सभी राज्यों के छोटे-बड़े राज्यों सभी के साथ न्याय हो। लोकसभा की वर्तमान सदस्य संख्या के आधार पर ही आरक्षण लागू किया जाना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से आधी आबादी को उसका पूरा अधिकार देने की पक्षधर रही है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल लाने के लिये प्रधानमंत्री मोदी से बात किया था। कांग्रेस की सरकारों ने समय-समय पर इस हेतु प्रभावी कदम भी उठाया है। सबसे पहले राजीव गांधी ने 1989 के मई महीने में पंचायतों और नगरपालिकाओं में महिलाओं के एक तिहाई आरक्षण के लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश किया। वह विधेयक लोकसभा में पारित हो गया था लेकिन सितंबर 1989 में राज्यसभा में पास नहीं हो सका। अप्रैल 1993 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने पंचायतों और नगरपालिकाओं में महिलाओं के एक तिहाई आरक्षण के लिए संविधान संशोधन विधेयक को फिर से पेश किया। दोनों विधेयक पारित हुए और कानून बन गए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस की सरकारों के प्रयास से ही आज देशभर में पंचायतों और नगरपालिकाओं में 15 लाख से अधिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि हैं। यह 40 प्रतिशत के आसपास है। कांग्रेस ने अपनी कार्यसमिति में भी महिला आरक्षण के लिये प्रस्ताव पारित किया है। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने यूपीए की चेयरपर्सन रहते महिला आरक्षण लागू करने के लिये अनेकों बार ठोस पहल किया, तब भाजपा विपक्ष के रूप में इस पर रोड़ा अटकाते रही है। वर्तमान में भी चुनावी हार को देखते हुये महिला आरक्षण बिल लाया गया है।