रीवा । समशेर सिंह गहरवार । प्रदेश सरकार द्वारा जनहित की समस्याओं को सुलझाने के लिए चलाई गई सीएम हेल्पलाइन शिकायत योजना रीवा जिले में फ्लाप रही । इसके पीछे की वजह जो सामने आई है। जिले के विभागीय अधिकारियों का सीएम हेल्पलाइन शिकायत निराकरण की ओर ध्यान ही नहीं होता। अधिकारियों का सबसे ज्यादा ध्यान अवैध वसूली से लेकर अनाप-शनाप के कार्यों में ज्यादा रहता है। चाहे शिकायतकर्ता भले ही परेशान होता रहे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार द्वारा सीएम हेल्पलाइन शिकायत योजना इस वजह से चलाई गई थी कि।
अधिकारियों द्वारा किसी कार्य के लिए आमजनों को अगर परेशान किया जाता है तो सीधे शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री को आवेदक भेज सकें ताकि समस्या का निराकरण संभव हो सके। परंतु यहां पर ताज्जुब की बात यह रही कि परेशान शिकायतकर्ताओं द्वारा शिकायतें तो भेजी गई लेकिन निराकरण की और अधिकारियों का ध्यान ही नहीं रहा। शिकायतों को बंद कराने तरह-तरह के हथकंडे अपनाते रहे। भले ही शिकायतें जस की बनी रही।अंततः सीएम हेल्पलाइन निराकरण में जिला 21वें पायदान व बी ग्रेड पर अटका रहा। प्रदेश स्तरीय जारी ग्रेडिंग में जिले के हर विभागों से परेशान 13744 लोगों ने शिकायतें भेजी जरूर थी। जिन पर अधिकारियों की मेहरबानी रही की 100% शिकायतों का समाधान न कर केवल 79.31 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण ही कर पाए बाकी पर गलत रिपोर्टिंग कर पेंडिंग में डाल दिया गया। ताकि परेशान लोग दफ्तरों की चौखट में आकर नाक रगड़ते रहे। रीवा से बेहतर प्रदर्शन तो नए जिले मऊगंज का रहा। जहां के कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन शिकायत के निराकरण में काफी सक्रिय रहे। इसी का परिणाम रहा की मऊगंज को हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में ए श्रेणी मिला।
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों में राजधानी रहा प्रथम
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर अगर गौर करें तो सबसे ज्यादा शिकायतें मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से रही। शिकायतों का आंकड़ा 16314 रहा वही निराकरण का औसत आंकड़ा 75.3 में सिमट रहा और बी श्रेणी मिली। दूसरे स्थान पर शिकायतों की लिस्ट में इंदौर शहर का नाम छाया रहा। यहां से हेल्पलाइन में शिकायतें 15642 प्राप्त हुई थी। जिनमें से निराकरण का प्रतिशत 83.07 में सिमट रहा और ए श्रेणी प्राप्त किया । तीसरे स्थान पर ग्वालियर महानगर का नाम आया है जहां से शिकायतें 14806 रहीं । निराकरण का प्रतिशत 81.64 रहा और ए श्रेणी मिली । इसी तरह रीवा 13744 शिकायतें कर चौथे स्थान पर पर डटा रहा। जहां निराकरण का प्रतिशत 79.3 1 रहा और बी श्रेणी मिली। वही शिकायतों के मामले में जबलपुर 13143 के साथ पांचवें स्थान पर काबिज रहा। यहां का निराकरण प्रतिशत 83.7 5 रहा और ए श्रेणी मिली।
शिकायत निराकरण मामले में टॉप 3 में यह जिले रहे शामिल
मध्य प्रदेश शासन स्तर पर सीएम हेल्पलाइन शिकायतों एवं निराकरण के जारी ग्रेडिंग में पूरे प्रदेश में रायसेन जिला प्रथम रहा। जानकारी अनुसार यहां से 8114 शिकायतें मिली थी। जिनमें से आपसी सहमति से 51.89 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण हुआ। टोटल शिकायतों की बात करें तो निराकरण का प्रतिशत 88. 43 रहा और ए ग्रेड मिला। वहीं दूसरे स्थान पर गुना जिला काबिज रहा। जहां से 7523 शिकायतें सीएम हेल्पलाइन से हुई थी, यहां पर भी आपसी सहमति से निराकरण का प्रतिशत 51.09रहा । कुल शिकायतों का निराकरण 86.03 प्रतिशत रहा और ए कैटेगरी मिली । इसी तरह तीसरे स्थान पर शिकायतों के निराकरण मामले में सीहोर जिला शामिल रहा। जानकारी अनुसार यहां से 6057 शिकायतें मिली थी। जिनमें से 49.02 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण आपसी सहमति से कराया गया। कुल शिकायत निराकरण का प्रतिशत 84. 13 रहा और ए श्रेणी प्राप्त किया ।
संभाग में मऊगंज जिले का परफॉर्मेंस रहा बेहतर
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में रीवा संभाग के मऊगंज जिले का परफॉर्मेंस बेहतर(प्रथम ) रहा। जिले से सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें 3902 हुई थी । जिनमें से निराकरण का प्रतिशत 82. 86 रहा और प्रदेश की दूसरी सूची में पांचवें स्थान पर रहकर ए कैटेगरी प्राप्त किया। दूसरा स्थान रीवा संभाग में सिंगरौली जिले का रहा। जानकारी अनुसार यहां से 7600 शिकायतें प्राप्त हुई थी जिनके निराकरण का प्रतिशत 82.33 रहा और प्रदेश की पहली सूची में सातवां स्थान प्राप्त कर ए ग्रेड प्राप्त किया। संभाग में तीसरा स्थान सीधी जिले को जाता है। जहां पर सीएम हेल्पलाइन के तहत 9158 शिकायतें हुई थी। निराकरण का प्रतिशत 80.23 रहा। प्रदेश स्तर पर सीधी ने 15वां स्थान प्राप्त किया और ए ग्रेड मिला। सतना से 11283 शिकायतें मिली थी इसके निराकरण का प्रतिशत 79.77 रहा बी ग्रेड प्राप्त करते हुए प्रदेश में 17वां स्थान बनाया। प्रदेश स्तरीय सूची में 21वां स्थान प्राप्त करते हुए रीवा जिले से शिकायतें 13744 हुई थी जिनमें से निराकरण का प्रतिशत 79.31 रहा और बी ग्रेड प्राप्त किया। इसी तरह मैहर ने प्रदेश स्तरीय सूची में 23वां स्थान प्राप्त किया यहां से 5318 शिकायतें हुई थी। जिनमें से निराकरण का प्रतिशत 77.94 रहा और बी ग्रेड प्राप्त किया।