नागपुर | एड अब्दुल अमानी कुरेशी | नागपुर विश्वविद्यालय के जनसंवाद विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में केवल एक पद नहीं, बल्कि एक सशक्त विचारधारा का प्रतिनिधित्व करते हैं। पुर्व में उपकुलपति के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) के रूप में बेहतरीन कार्य कर चुके हैं। डॉ धर्मेश धवनकर सर का कार्यकाल उनकी सूझबूझ, संवाद-कौशल और संतुलित दृष्टि का प्रमाण है। मैं स्वयं उनका छात्र रहा हूँ, इसलिए उनके व्यक्तित्व की ऊष्मा और मार्गदर्शन की गहराई को निकट से अनुभव करने का सौभाग्य मिला है।
उनके सान्निध्य में शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहती, बल्कि जीवन-मूल्यों तक विस्तृत हो जाती है। उनके पढ़ाए हुए छात्र आज विभिन्न क्षेत्रों में उच्च मुकाम पर हैं, जो उनके मार्गदर्शन की जीवंत मिसाल हैं। बड़ों के प्रति सम्मान और छोटों के प्रति स्नेह रखना यह उनकी विशेषता है, जिसने हर छात्र के हृदय में उनके लिए विशेष स्थान बनाया है। अनेक शोधार्थियों को पीएचडी की मंज़िल तक पहुँचाने में बहुमूल्य मार्गदर्शन दिया है।
आज, वल्र्ड फ्रिडम प्रेस डे के इस महत्वपूर्ण अवसर पर, मैं अपने इस आदरणीय गुरु को हृदय से शुभकामनाएँ अर्पित करता हूँ। उनका स्नेह बना रहे यहीं आशाएं रखता हूं | ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें दीर्घायु, स्वस्थ और सदैव सक्रिय रखें, ताकि वे यूँ ही नई पीढ़ियों को दिशा देते रहें।