रायपुर | मिनल केडेकर | प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि मनरेगा को लेकर मंत्रिमंडल ने ‘‘जी राम जी’’ के प्रावधान को अनुमोदित कर दिया। अब मनरेगा में 40 प्रतिशत राशि राज्य वहन करेगा, यह राज्य के खजाने पर बोझ है। राज्य का सारा टैक्स तो जी.एस.टी. के माध्यम से केंद्र के पास जाता है। मनरेगा का बजट भी राज्य सरकार वहन करेगा, मतलब राज्य के विकास कार्य प्रभावित होंगे। ‘‘जी राम जी’’ कानून बने 8 माह हो गये, अब राज्य मंत्रिमंडल अनुमोदन कर रहा। अब तो 4 माह तक मनरेगा के काम बंद रहेंगे, ऐसे में मजदूरों का क्या फायदा? पहले करते मार्च में तो अभी तक 5 माह तक लोगों को काम मिलता। मंत्रिमंडल ने 4,000 करोड़ का बजट रखा है, जबकि इसके पहले मनरेगा पर राज्य 6,200 करोड़ खर्च करता था। बजट की कटौती बताती है सरकार मनरेगा पर पूरे दिन काम नहीं देगी।
रीपा का नाम बदलकर शुरू कर रहे
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद कांग्रेस की सरकार के समय चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया था। अब सरकार को अपनी गलती का अहसास हो रहा, उन योजनाओं का नाम बदलकर फिर चालू करने जा रहे है। कांग्रेस की सरकार ने रीपा (रूरल इंडस्ट्रियल पार्क) शुरू किया था जिसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के लिए रोजगार निर्माण, विपणन की सुविधा मिलती थी, भाजपा सरकार ने उसे बंद कर दिया। रीपा के जो इन्फ्रास्ट्रक्चर थे ढाई साल में सब बर्बाद हो गये। कल मंत्रिमंडल रीपा का नाम अटल आजीविका समृद्ध योजना के नाम से फिर शुरू करने का निर्णय लिया है। यह सरकार यू-टर्न सरकार है।
रेत माफिया निडर और बेलगाम हो गया है
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कोरिया में तीन लोगों को जिंदा जला देने की घटना के बाद सरगुजा में खनिज विभाग जांच कर रहा है। कल एक रेत से भरे ट्रक को खनिज विभाग ने पकड़ा, बताते है कि इस कार्यवाही से नाराज होकर रेत माफिया ने कार्यवाही करने वाले आरक्षक की पिटाई कर दिया। जप्त ट्रक भी छुड़ा ले गया। यह घटना बताती है कि रेत माफिया कितना ज्यादा ताकतवर है उसे सरकार का कितना ज्यादा संरक्षण मिला है। रेत के खेल में सीधे सरकार शामिल है। बड़ी घटनाओं के बाद इस प्रकार की घटना होना बताता है सरकार रेत की काली कमाई का मोह नहीं छोड़ पा रही है।
भाजपा के राज में काला दशक चल रहा, ये काला दिवस मना रहे
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा आपातकाल की याद में काला दिवस मनाने जा रही है। आपातकाल तो उस समय की परिस्थितियों के अनुसार तत्कालीन सरकार और राष्ट्रपति के द्वारा संवैधानिक प्रावधान के अनुसार लिया गया निर्णय था। आज तो देश में 12 साल से अघोषित आपातकाल है। सभी संवैधानिक संस्थाओं के अधिकारों को बंधक बना लिया गया है। चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं रहा, न्यायपालिका मीडिया के काम में हस्तक्षेप किया जा रहा। छोटे-छोटे दलों के विधायकों, सांसदों को धमका कर तोड़ लिया जा रहा है, यह परिस्थितियां देश के लिए ज्यादा भयावह और घातक है।