महाराष्ट्र | न्यूज़ डेस्क | पुणे के रहने वाले केतन अग्रवाल की मौत को लेकर हर दिन नया खुलासा सामने आ रहा है। एक परिवार के उस बेटे की अचानक मौत हो गई, जिसकी कुछ महीने बाद ही शाही अंदाज में शादी होने वाली थी। केतन की मौत के बाद हैरान कर देने वाली बात ये सामने आई कि जिस लोग सिर्फ एक हादसा समझ रहे थे, लेकिन वो हादसा नहीं, बल्कि एक बड़ी साजिश नजर आ रही है। इस साजिश को अंजाम देने के पीछे केतन की ही मंगेतर सिया गोयल पर आरोप लगे हैं।
केतन हत्याकांड में बड़ा खुलासा
केतन की मौत के मामले में अब यह बात पता चली है कि लोहागढ़ किले में केतन अग्रवाल की हत्या से कुछ घंटे पहले उसकी मंगेतर सिया गोयल अपने प्रेमी चेतन बाबूलाल चौधरी से मिली थी।18 जून की सुबह जिस दिन केतन की मौत हुई, ठीक उसी दिन सिया और चेतन पुणे के एक कैफे में मिले थे। पुलिस को शक है कि केतन की हत्या की प्लानिंग यहीं की गई। उन्होंने किले पर ऐसी जगहों की पहचान की जहां से वे केतन को धकेल सकते थे। दोपहर में जब सिया, केतन को फिर से किले पर ले गई, तब उसका प्रेमी चेतन भी उसके पीछे-पीछे ट्रेक पर गया। ट्रेक के दौरान, केतन ने इशारों में सिया से बात की। CCTV फुटेज में चेतन को अपनी पहचान छिपाने के लिए हुडी पहने हुए भी देखा गया, जब वह केतन और सिया का पीछा कर रहा था। CCTV फुटेज की जांच करते समय, पुलिस ने चेतन को देखा, जिसने शॉर्ट्स और हुडी पहनी हुई थी और वह केतन और सिया का पीछा कर रहा था। उसने हुडी के ऊपर हेडसेट भी पहना हुआ था।
शादी की शहनाई से पहले छाया मातम
केतन और सिया की शादी के लिए जयपुर में 17 करोड़ रुपए में एक महल बुक किया था और मेहमानों को लाने ले जाने के लिए दो प्राइवेट प्लेन भी अरेंज किए गए थे, लेकिन शादी की शहनाई से पहले घर में मातम छा गया। सिया और केतन पुणे के पास लोहागढ़ किले में घूमने गए थे। सिया ने बताया कि वहां केतन का पैर फिसल गया और वो खाई में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। लेकिन बात इतनी सीधी नहीं है, जितना सिया ने इसे बताया। पुलिस को जांच में करने पर कई ऐसी बात पता चलीं कि शक के घेरे में खुद मंगेतर सिया गोयल आ गई।
पहले भी की थी मारने की प्लानिंग
31 मई को यह जोड़ा लोहागढ़ किले गया था। उसने चार दिन बाद फिर से किले पर जाने की जिद की थी। लेकिन केतन की मां ने उसे दूसरी बार वहां जाने की इजाजत नहीं दी। सिया ने एक बार फिर 14 जून को केतन के साथ किले पहर जाने का प्लान बनाया और वह मान गया। जांच में खुलासा हुआ है कि उस दिन भी सिया ने केतन को चट्टान से नीचे धकेलने की कोशिश की। हालांकि, गिरते वक्त केतन ने झाड़ी को पकड़ लिया और उसकी जान बच गई। जब केतन ने पूछा कि उसने उसे क्यों धकेला तो सिया ने सांप होने का झूठा शोर मचाया और ऐसा दिखाने की कोशिश की कि उसने ही केतन को गिरने से बचाया है।