मोहला मानपुर। केजन साहू । नगर सहित दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में रहने वाले बच्चों के लिए चिरायु टीम किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। जिले के तीनों विकासखंड—मोहला, मानपुर और अम्बागढ़ चौकी की चिरायु टीमें लगातार गांव-गांव पहुंचकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। समय रहते गंभीर बीमारियों की पहचान कर उन्हें पूरी तरह निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे कई बच्चों को नया जीवन मिल रहा है।
चिरायु योजना के तहत विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और गांवों में पहुंचकर बच्चों की नियमित जांच कर रही है। जांच के दौरान जन्मजात हृदय रोग, कटे-फटे होंठ एवं तालु, आंखों की समस्या, सुनने की परेशानी, कुपोषण सहित अन्य गंभीर बीमारियों की पहचान की जाती है। चिन्हित बच्चों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर कर शासन की योजना के माध्यम से मुफ्त इलाज कराया जाता है।
दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले ऐसे परिवार, जो आर्थिक तंगी के कारण बड़े अस्पतालों तक नहीं पहुंच पाते, उनके लिए चिरायु टीम उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है। समय पर जांच और उपचार मिलने से अनेक बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है और उनके चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के मार्गदर्शन में तीनों ब्लाकों की चिरायु टीमें पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रही हैं। लगातार ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर प्रत्येक बच्चे तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। यही वजह है कि जिले में बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण और गंभीर बीमारियों के उपचार में चिरायु योजना एक प्रभावी और जनहितकारी पहल के रूप में अपनी अलग पहचान बना रही है।
वर्जन जिले की चारों चिरायु टीमें लगातार स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर रही हैं। गंभीर बीमारी से ग्रसित बच्चों की पहचान कर उन्हें निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। चिरायु योजना के माध्यम से अनेक बच्चों को नया जीवन मिला है और आगे भी हर पात्र बच्चे तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है।राकेश कुमार वर्मा (जिला प्रोग्राम अधिकारी एमएमसी)