ओडिशा | न्यूज़ डेस्क | ओडिशा की सुर कोकिला ज्योतिर्मयी नायक ने रविवार रात देश के सबसे प्रतिष्ठित सिंगिंग रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल सीजन-16’ का खिताब अपने नाम कर इतिहास रच दिया। ग्रैंड फिनाले में सुरों के महामुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए ज्योतिर्मयी ने विजेता ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। इसके साथ ही वह ‘इंडियन आइडल’ का खिताब जीतने वाली ओडिशा की पहली महिला गायिका बन गईं। उन्हें चमचमाती ट्रॉफी के साथ 20 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई। जबलपुर के तनिष्क शुक्ला फर्स्ट रनर-अप रहे।
म्यूजिक थेरेपिस्ट का काम करती थी ज्योतिर्मयी
भुवनेश्वर की रहने वाली 24 वर्षीय ज्योतिर्मयी की सफलता का सफर केवल संगीत की दुनिया तक सीमित नहीं है। कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने वाली ज्योतिर्मयी संगीत को मनोरंजन से आगे उपचार और मानसिक सुकून का माध्यम मानती हैं। ‘इंडियन आइडल’ में आने से पहले वह एक प्रमाणित म्यूजिक थेरेपिस्ट के रूप में कार्य कर रही थीं। अपनी आवाज के जरिए वह कैंसर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को मानसिक राहत और भावनात्मक सुकून देने का सेवा कार्य करती थी।
जजों और दर्शकों को लगातार प्रभावित किया
संगीत के प्रति उनकी गहरी साधना ने उन्हें ओड़िया संगीत उद्योग में भी पहचान दिलाई। ‘इंडियन आइडल-16’ के पूरे सफर में ज्योतिर्मयी ने अपनी शास्त्रीय पकड़, आवाज की मिठास और भावपूर्ण गायकी से जजों और दर्शकों को लगातार प्रभावित किया। शो के दौरान उनके प्रदर्शन ने कई दिग्गजों को भी प्रभावित किया। जब उन्होंने ‘ओ जब तक है जान’ गीत प्रस्तुत किया, तो अभिनेत्री और ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी उनके सम्मान में खड़ी हो गईं। वहीं, अभिनेत्री लीना चंदावरकर ने भी उनकी गायकी की जमकर सराहना की।
ओडिशा की बेटी ने रचा इतिहास
ग्रैंड फिनाले में ज्योतिर्मयी ने ‘सैंया ओ सैंया’ पर शास्त्रीय रंग से सजी दमदार प्रस्तुति दी। उनकी इस अनूठी वोकल परफार्मेंस ने जज श्रेया घोषाल, कुमार सानू और बादशाह समेत देशभर के दर्शकों का दिल जीत लिया। आखिरकार रविवार रात ज्योतिर्मयी की आवाज ने पूरे देश में जीत का सुर छेड़ दिया और ओडिशा की बेटी ने ‘इंडियन आइडल’ की ट्रॉफी जीतकर इतिहास रच दिया।