नागपुर | एड अब्दुल अमानी कुरेशी | आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत केंद्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद् (सीसीआरएएस) के परिधीय संस्थान, क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (आरएआरआई), नागपुर के नए 50 शैय्या वाले अस्पताल भवन का भूमि पूजन बृहस्पतिवार, 6 अगस्त 2026 को संस्थान के वर्तमान परिसर में सम्पन्न होगा। यह समारोह प्रतापराव जाधव, माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आयुष मंत्रालय, तथा माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा वर्चुअल रूप से सम्पन्न होगा। इस अवसर पर माननीय वैद्य राजेश कोटेचा, सचिव, आयुष मंत्रालय; प्रो. (वैद्य) रबिनारायण आचार्य, महानिदेशक, सीसीआरएएस, सत्यजीत पॉल, वरिष्ठ सांख्यिकीय सलाहकार, आयुष मंत्रालय,डॉ. सविता शर्मा, सहायक निदेशक, आरएआरआई नागपुर तथा राजेश कुमार, मुख्य अभियंता, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग, नागपुर सहित अन्य गणमान्य अतिथि, संस्थान के कर्मचारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहेंगे।
नए भवन में 50 बेड वाला आयुर्वेदिक अस्पताल होगा, जिसमें सभी आधुनिक सुविधाएं होंगी। इसका मकसद इस क्षेत्र में आयुर्वेद-आधारित हेल्थकेयर सर्विस को बेहतर बनाना है। इससे मरीज़ों को बेहतर इन-पेशेंट केयर और खास इलाज की सुविधाएं मिलेंगी, साथ ही संस्थान की रिसर्च क्षमताएं भी काफी बढ़ेंगी। यह सुविधा एडवांस्ड क्लिनिकल रिसर्च में मदद करेगी, हेल्थकेयर में इनोवेशन को बढ़ावा देगी और टीचिंग व ट्रेनिंग गतिविधियों को बेहतर बनाएगी, जिससे मेडिकल एजुकेशन और वैज्ञानिक खोज के लिए एक इंटीग्रेटेड माहौल बनेगा। समारोह के तुरंत बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
नवीन भवन में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 50- शैय्याओं वाला आयुर्वेदिक अस्पताल स्थापित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में आयुर्वेद-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करना है। यह मरीजों के लिए विस्तारित अंतःरोगी (इन-पेशेंट) देखभाल एवं विशेषीकृत उपचार सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ संस्थान की अनुसंधान क्षमताओं को भी उल्लेखनीय रूप से सशक्त बनाएगा। यह सुविधा उन्नत नैदानिक अनुसंधान (एडवांस्ड क्लिनिकल रिसर्च) को बढ़ावा देगी, स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करेगी तथा शिक्षण एवं प्रशिक्षण गतिविधियों को सुदृढ़ करेगी, जिससे चिकित्सा शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए एक समन्वित एवं अनुकूल वातावरण विकसित होगा। समारोह के शीघ्र उपरांत भवन निर्माण कार्य प्रारंभ होने की अपेक्षा है।
आरएआरआई नागपुर की वर्तमान सेवाएँ
आरएआरआई नागपुर वर्तमान में अपने NABH-मान्यता प्राप्त 16- शैय्याओं वाले अस्पताल के ज़रिए शहर में सेवाएँ दे रहा है, जहाँ आयुर्वेद पर आधारित आउट-पेशेंट और इन-पेशेंट देखभाल की सुविधा मिलती है। यह संस्थान कम्युनिटी आउटरीच प्रोग्राम, collaborative रिसर्च प्रोजेक्ट और एकेडमिक पार्टनरशिप के ज़रिए नागपुर से बाहर भी अपनी पहुँच बढ़ा रहा है, ताकि आयुर्वेद-आधारित हेल्थकेयर और evidence आधारित रिसर्च ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुँच सके । इस नए 50- शैय्याओं वाले भवन की सुविधा इस क्षमता को काफ़ी बढ़ा देगी, जिससे और भी ज़्यादा मरीज़ों को सेवाएँ दी जा सकेंगी।
सीसीआरएएस के बारे में
केंद्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद् (सीसीआरएएस), आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक स्वायत्त संस्था है तथा आयुर्वेद एवं सोवा-रिग्पा चिकित्सा पद्धति में वैज्ञानिक आधार पर अनुसंधान कार्यों को संचालित करने, समन्वयित करने, तैयार करने, विकसित करने एवं संवर्धित करने हेतु देश की शीर्ष संस्था है। परिषद् की अनुसंधान गतिविधियों में औषधीय पादप अनुसंधान, औषध मानकीकरण, औषधि विज्ञान अनुसंधान, नैदानिक अनुसंधान तथा साहित्यिक अनुसंधान एवं प्रलेखन शामिल हैं। सीसीआरएएस देशभर में स्थित अपने लगभग 30 संस्थानों, केंद्रों एवं इकाइयों के नेटवर्क के माध्यम से, तथा देश-विदेश के विश्वविद्यालयों, अस्पतालों एवं अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोगात्मक अध्ययनों के माध्यम से अपने उद्देश्यों को पूरा करता है।